चीखें, अफरातफरी और काला धुआं, चश्मदीदों ने सुनाई गोवा के नाइट क्लब में देर रात हुई घटना की दास्तां…

नॉर्थ गोवा के अरपोरा के एक वीकेंड पार्टी नाइट कुछ ही मिनटों में दिल दहला देने वाली त्रासदी में बदल गई। आधी रात के करीब नाइट क्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलसकर घायल हो गए। मरने वालों में अधिकांश किचन स्टाफ, टूरिस्ट और तीन महिलाएं शामिल हैं।
बिना अनुमति बनाया गया क्लब, जांच में सामने आई लापरवाही
स्थानीय प्रशासन की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अरपोरा पंचायत के अधिकारियों के मुताबिक, जिस क्लब में हादसा हुआ वह बिना वैध निर्माण अनुमति के बनाया गया था। इस खुलासे ने गोवा के पर्यटन क्षेत्रों में ढीली नियामक व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चीखें, अफरातफरी और काला धुआं, चश्मदीदों ने सुनाई दास्तां
घटना के वक्त मौजूद कई लोगों ने बताया कि कैसे कुछ सेकंड में माहौल जश्न से अफरातफरी में बदल गया। दिल्ली से आए अविनाश ने कहा, हम तो बस किस्मत वाले थे। हमारा कैब ड्राइवर लेट हो गया, वरना हम भी अंदर फंसे होते। पास के एक रेस्टोरेंट के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया, अचानक जोरदार धमाका हुआ। बाद में पता चला कि सिलेंडर फटने से आग फैल गई।
दिल्ली के ही निखनेश ने कहा कि वे उसी समय मौके पर पहुंचे थे जब धुआं उठना शुरू हुआ। हमने हॉस्टल पहुंचते ही काला धुआं देखा। कल रात हम यहीं पार्टी करने की सोच रहे थे। सोचा भी नहीं था ऐसा हो जाएगा।
हादसे के वक्त डांस फ्लोर पर थे 150 लोग
चश्मदीदों ने बताया कि आग लगने के वक्त क्लब में 100 से 150 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे। जैसे ही चीख-पुकार मची, कई लोग पीछे के रास्ते से भागकर किचन एरिया में घुस गए। लेकिन यह भागना ही उनके लिए घातक साबित हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें यहीं हुईं, क्योंकि किचन एरिया में धुआं तेजी से भर गया और बाहर निकलने का रास्ता भी सीमित था। बिर्च क्लब के सुरक्षा कर्मी संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि सब कुछ 11 से 12 बजे के बीच हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें यहीं हुईं, क्योंकि किचन एरिया में धुआं तेजी से भर गया और बाहर निकलने का रास्ता भी सीमित था। बिर्च क्लब के सुरक्षा कर्मी संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि सब कुछ 11 से 12 बजे के बीच हुआ।
भीड़ बढ़ने वाली थी क्योंकि एक डीजे और डांसर आने वाले थे। अचानक आग भड़क उठी और लोग इधर-उधर भागने लगे। हैदराबाद की फातिमा शेख ने बताया कि लोग जान बचाने के लिए किचन में भागे, पर उन्हें पता नहीं था कि वह रास्ता बंद है। कुछ ही मिनटों में धुआं फैल गया।
