नेपाल में भीषण जलप्रलय से तबाही, अब तक 584 लोगों की मौत, 2482 लापता, भारतीयों की तलाश जारी…

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण जलप्रलय से अब तक 584 लोगों की मौत हो गई और 2482 लोग अभी लापता है। नेपाल में अब तक 579 मौतें और 1924 लोग लापता हैं, जबकि तिब्बत में 5 मौतें और 558 लापता हैं। नेपाल में 320 भारतीयों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। लापता भारतीयों की तलाश जारी है।
चीन-नेपाल सीमा के पास भीषण बाढ़ के दो दिन बाद भी ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के ठिकाने का कोई अपडेट नहीं मिला है। ये 77 सदस्यीय समूह आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव (सद्गुरु) द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर था। बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क टूटा हुआ है।
मृतकों की संख्या पहुंची 538
पुलिस के अनुसार, नवलपरासी पूर्व से 134, चितवन से 221, गोरखा से 46 और नुवाकोट से 37 शव बरामद किए गए। इसी तरह, धाडिंग से 33, तनु से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए। वहीं, स्थिति अभी भी बदल रही है। नेपाल पुलिस के अनुसार लापता लोगों की सूची और भी बड़ी हो सकती है। टनल में सर्च जारी है और कई लोग अभी भी संपर्क से कटे हुए हैं।
जानकारी दी गई कि, घटना के तीसरे दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रहा, जिसमें 7451 सुरक्षाकर्मी (जिनमें 2,391 नेपाल सेना के जवान शामिल हैं) तैनात किए गए।
77 परिवारों को नहीं मिला कोई जवाब
ईशा फाउंडेशन की मां गम्भीरी ने कहा कि पिछले दो दिनों से 77 लापता ईशा फाउंडेशन तीर्थयात्रियों का कोई अपडेट नहीं है। बचाव टीमें मैदान में हैं, लेकिन अभी कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि 77 परिवार जवाब का इंतजार कर रहे हैं और यह उनके लिए भावनात्मक संकट का समय है।
