वेनेजुएला के बाद ईरान में एंट्री ले सकता है अमेरिका, विरोध प्रदर्शन में 35 की मौत की आशंका…

ईरान के विभिन्न शहरों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं और वेनेजुएला में अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय रणनीतिक गणनाओं को प्रभावित किया है. द जेरूसलम पोस्ट लिखता है कि ईरान में समय-समय पर विरोध प्रदर्शनों की लहरें उठती रही हैं, जिनके पीछे आर्थिक दबाव, राजनीतिक दमन और मौलवी शासन के प्रति असंतोष जैसे कारण रहे हैं. हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने पहले ऐसे आंदोलनों को दबाने में सफलता पाई है, लेकिन मौजूदा प्रदर्शनों की निरंतरता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ध्यान खींचा है. वहीं टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है
अब तक 1,200 से ज्यादा लोग हिरासत में
अखबार ने अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इन प्रदर्शनों में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. एजेंसी के अनुसार, मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान की सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं. प्रदर्शन ईरान के 31 में से 27 प्रांतों के 250 से अधिक स्थानों तक फैल चुके हैं. वहीं, ईरानी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि इन प्रदर्शनों के दौरान 250 पुलिसकर्मी और स्वयंसेवी बसीज बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं.
वेनेजुएला पर हमले के बाद ईरान की ओर मुड़ सकता है US
इसके अलावा, पहलवी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा, “मैंने इस संक्रमण का नेतृत्व करने के लिए कदम आगे बढ़ाया है… यह आत्मनिर्णय, आजादी और हमारे देश के पुनर्निर्माण के बारे में है.” डोनाल्ड ट्रंप की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ की गई कार्रवाई ने भी ईरानी प्रदर्शनकारियों को और प्रोत्साहित किया है, जिससे मध्य-पूर्व की स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है. इसी बीच मीडिया में यह भी खबर सामने कि खामनेई ईरान छोड़कर भागने वाले हैं, उनका संभावित देश रूस या ईराक हो सकता है. हालांकि भारत में ईरान के राजदूत ने इसको पूरी तरह से खारिज कर दिया.
