राज्य

चुनाव आयोग की रोक के बावजूद सपा दफ्तर पर जुटे हजारों समर्थक

लखनऊ
कोरोना की तीसरी लहर के बीच हो रहे यूपी विधानसभा चुनाव में संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर अमल कराना चुनाव आयोग के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। रोक के बावजूद शुक्रवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्‍याललय पर हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी। मौका था, स्‍वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी सहित छह विधायकों के सपा ज्‍वाइन करने का। इन सबने पिछले दिनों बीजेपी छोड़कर आज सपा ज्‍वाइन की है। इस मौके पर पार्टी की ओर से वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया था। वर्चुअल रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जोश देखते ही बन रहा है। वैसे आज सुबह से लखनऊ में काफी चहल-पहल है। भोर से स्‍वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर समर्थकों का जुटना शुरू हो गया था। ढोल-नगाड़े बज रहे थे। इसी उत्‍साह के साथ समर्थक और कार्यकर्ता सपा के मुख्‍यालय पर जुटे। हजारों समर्थकों की भीड़ के बीच स्‍वामी प्रसाद मौर्य मंच पर पहुंचे थे। उनके साथ अखिलेश यादव और बीजेपी छोड़कर आए विधायक भी दिख रहे हैं। इन सबने आज सपा की सदस्‍यता ली। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस से पहले स्‍वामी प्रसाद मौर्य बोले कि भाजपा ने देश और प्रदेश के लोगों को गुमराह किया है। उनको शोषण का शिकार बनाया है। अब भाजपा का खात्‍मा करके उत्‍तर प्रदेश को शोषण से मुक्‍त कराना है। इस मौके पर धर्म सिंह सैनी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्‍तर प्रदेश में पिछड़ों-दलितों का राजनीतिक, आर्थिक, नौकरियों और आरक्षण के मामले में पूरी तरह से शोषण हुआ। इसे देखते हुए ही हम पिछड़े, दलित वर्ग के लोग मकर संक्रांति के अवसर पर समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

20 जनवरी को शामिल होंगे दारा सिंह चौहान
आज जहां स्‍वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी सहित भाजपा छोड़ने वाले छह विधायकों ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन कर ली वहीं दारा सिंह चौहान 20 जनवरी को सपा में शामिल होंगे।

चुनाव आयोग ने लगाई है ये रोक
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान करते हुए चुनाव आयोग ने साफ कर दिया था कि किसी भी राज्य में रैलियों और रोड शो के आयोजन की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा। साइकिल रैली और बाइक रैली और पदयात्रा जैसी चीजों पर भी रोक रहेगी। बाइक रैली पर भी पाबंदी रहेगी। रात 8 बजे के बाद चुनाव प्रचार पर रोक रहेगी। चुनाव आयोग ने चुनावी पार्टियों से कहा है कि वो ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल रैली या डिजीटल रैली पर जोर दें। ये सभी पाबंदियां 15 जनवरी तक के लिए लागू की गई थीं। चुनाव आयोग ने साफ किया था कि 15 जनवरी के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और फिर आगे इसपर फैसला लिया जाएगा। चुनाव आयोग ने यहां तक कहा है कि डोर टू डोर कैंपेन में भी 5 से ज्यादा लोग नहीं जा सकते हैं। लेकिन इस बीच शुक्रवार को जब सपा मुख्‍यालय पर नेताओं के हजारों समर्थकों-कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी तो इन सारी पाबंदियों और कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती साफ नज़र आईं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Latest News

Latest Post
Latest News
Close