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GST रिटर्न भरने में टॉप 5 राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल

भोपाल
 समय पर रिटर्न और जीएसटी का भुगतान करने से मध्यप्रदेश ने जीएसटी रिटर्न फाइल (GST Return File) करने में देश के अग्रणी पाँच राज्यों में स्थान बना लिया है। कोविड महामारी के बावजूद सभी के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2020-21 में जीएसटी, वेट और वृत्ति कर से 32 हजार 764 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 38082 करोड़ की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सबका सहयोग महत्वपूर्ण और सराहनीय रहेगा।यह जानकारी वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दी है।

सोमवार को प्रशासन अकादमी में वर्ष 2022-23 (Year 2022-23 in Academy of Administration) का प्रदेश को बजट तैयार करने की प्रक्रिया में करदाताओं, कर विशेषज्ञों और उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बजट के पहले वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा(Finance Minister Jagdish Deora)  ने चर्चा की और बताया कि  भारत को 5 ट्रिलियन की अर्थ-व्यवस्था बनाने और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने में करदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। बेहतर कराधान व्यवस्था और संग्रहीत करों से सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो पाता है।

वित्त मंत्री ने समय पर कर भरने और प्रदेश के विकास के प्रति संवेदनशील रहने के लिये करदाताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और अनुशासन में प्रथम स्थान पाने के लिये निरंतर प्रयास जारी रखना होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट निर्माण के लिये आपके सुझाव अमूल्य साबित होंगे। व्यावसायिक गतिविधियों को और ज्यादा गतिशील बनाने में आपके अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा। GST के संबंध में प्राप्त सुझावों को GST काउंसिल के सामने रखा जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि करदाताओं के महत्वपूर्ण सुझावों से अर्थ-व्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन से आये उद्योग समूहों, कर सलाहकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने सुझाव रखे।

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में रोजगार (Employment)  बढ़ाने के लिये औद्योगिक निवेश को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जायेगा। औद्योगिक समुदाय से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की औद्योगिक विकास से जुडे मुददों पर निरंतर परामर्श बैठकें होती रही हैं और उनकी अपेक्षाओं को नीतिगत स्वरूप भी दिया गया है। उद्योग समूहों की अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें नीतियों और निर्णयों में शामिल किया जायेगा। उद्योग को विकास के अन्य क्षेत्रों से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा, जिससे सभी क्षेत्र परस्पर सहयोग से उद्योग के साथ आगे बढ़ें। सभी जिलों को उदयोग मित्र बनाने की भी योजना है ताकि स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो सके। राज्य सरकार द्वारा नये क्षेत्रो जैसे एथनाल उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने की कोशिशें की जा रही हैं।

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