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राजस्थान: ‘कोई नहीं बुलाता, इसलिए मर रहा हूं’, जातीय पंचों से परेशान होकर किया सुसाइड

 बाड़मेर

राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में एक आदमी ने जातीय पंचों और सामाजिक बहिष्कार से आहत होकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार देर रात जिले के गिड़ा थाना में हुई। मृतक ने घर के पास बने पानी के टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली।

बरामद हुआ सुसाइड नोट
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिड़ा थाने के खोखसर गांव निवासी बाबूलाल मेघवाल ने सोमवार की रात को टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर गिड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को टांके से बाहर निकालकर मोर्चरी में रखवाया है। सिंह ने बताया कि जांच के दौरान मृतक के पास से सुसाइड नोट भी बरामद किया। सुसाइड नोट में मृतक द्वारा जातीय पंच गणेशाराम मेघवाल सहित अन्य पर उसे समाज से बहिष्कृत करने, जुर्माना लगाने एवं परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही इससे आहत होकर ही आत्महत्या करना बताया।

कोई मुझे नहीं बुलाता, इसलिए मर रहा हूं
पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने जातीय पंचों द्वारा समाज से बहिष्कृत करने का आरोप लगाते हुए आहत होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा कि मुझे कोई नहीं बुलाता है। इसलिए मैं मर रहा हूं। मृतक ने सुसाइड नोट में दो जातीय पंचों का नाम भी लिखा है।

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