राजनिति

गोरखपुर से सीएम योगी आदित्यनाथ की हो जीत, ऐसा क्यों चाहते हैं राकेश टिकैत

 प्रयागराज  

गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव जीतना चाहिए। किसी की भी सरकार बने पर सभी बड़े नेताओं को चुनाव जीतना चाहिए। इससे सरकार अच्छी बनेगी और विपक्ष मजबूत होगा। किसान आंदोलन के बाद बड़े किसान नेता के तौर पर उभरे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को प्रयागराज में यह बात कही।

टिकैत ने योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से चुनाव लड़ने के बारे में सवाल पूछने पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र में भी विपक्ष मजबूत होना चाहिए। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी पार्टी का कोई विरोध नहीं है। सिसौली की पंचायत में कुछ नेता सिंबल लेकर आए। कोई भी उनके पास आए, सभी का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। एमएसपी आचार संहिता के दायरे में नहीं आती। किसानों के चिंतन शिविर में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होगी। जिन राज्यों में चुनाव नहीं हो रहे वहां की सरकारों से समझौते के बाकी मुद्दों पर बात करेंगे। कहा कि यूपी में अब नई सरकार से बात होगी।

टिकैत माघ मेले में तीन दिन के चिंतन शिविर में भाग लेने रविवार को प्रयागराज पहुंचे। चिंतन शिविर के एजेंडे पर उन्होंने कहा कि 13 महीने चले किसान आंदोलन, एमएसपी, सरकार के समझौते में किए वादे, लखीमपुर खीरी में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेने पर चिंतन होगा। इन्हीं मुद्दों पर 31 जनवरी को सभी जिला और तहसील मुख्यालयों पर भाकियू प्रदर्शन करेगा। दो साल बाद हो रहे चिंतन शिविर में टिकैत का फूल बरसाकर स्वागत किया गया।
टिकैत का दावा, जाति-धर्म के आधार पर बंटा किसान

राकेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान जाति और धर्म के नाम पर बंट गया है। 13 महीने आंदोलन चला। इसके बाद भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने की चिंता नहीं है। भाकियू नेता ने कहा कि चुनाव के पहले ये होना था। एक पार्टी की ओर इशारा कर कहा कि ठीक चुनाव के पहले जाति-धर्म का मुद्दा उठाया जाता है। किसान, मजदूर, आदिवासी और युवाओं के रोजगार पर बात नहीं हो रही है। चुनाव में यह मुद्दा गायब कर दिए जाएंगे।
 
21 से लखीमपुर खीरी में तीन दिन का डेरा

राकेश टिकैत 21 जनवरी को तीन दिवसीय दौरे पर लखीमपुर खीरी जाएंगे। वहां पीड़ित किसानों के परिवारों से मिलेंगे। जेल में बंद किसानों से मुलाकात करेंगे। इनके अलावा अधिकारियों से किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और मृत किसानों को मुआवजा देने को बात करेंगे। किसान नेता ने कहा कि अधिकारियों ने सभी वादे किए थे।

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