अब छत्तीसगढ़ की यूनिवर्सिटी में पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द…

छत्तीसगढ़ में एक कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार (20 अगस्त) को आयोजित परीक्षा को कर दिया गया.
इन आरोपों का मुख्य आधार वॉट्सऐप पर सामने आया एक प्रश्नपत्र था, जिसकी करीब 70 फीसदी सामग्री असली प्रश्नपत्र से मेल खाती थी.
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, करीब 500 बीएससी कृषि के छात्रों ने गुरुवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) की परीक्षा दी थी.
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक ने अख़बार को बताया, ‘सुबह करीब 9:30 बजे परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र खोला जाता है और 10 बजे परीक्षा शुरू होती है. वॉट्सऐप पर प्रसारित किया गया दस्तावेज परीक्षा का असली प्रश्नपत्र नहीं था. किसी ने वह दस्तावेज तैयार किया था, लेकिन उसकी करीब 70 फीसदी सामग्री असली प्रश्नपत्र से मेल खाती थी.’
उन्होंने आगे कहा, ‘हमने शाम को परीक्षा रद्द करने और मामले की पुलिस से जांच कराने का फैसला किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की सामग्री कहीं अंदर से लीक तो नहीं हुई थी.’
बाद में गुरुवार शाम जारी एक आधिकारिक बयान में निदेशक (शिक्षण)/परीक्षा नियंत्रक ने कहा, ‘बीएससी (एजी.) द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर, छठे डीन, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के सभी छात्रों को सूचित किया जाता है कि 20.08.2026 को आयोजित AENT 221 (फसलों और भंडारित अनाज में कीट प्रबंधन–I (रबी फसलें) की परीक्षा प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दी गई है. परीक्षा… सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी.’
यह मामला तब सामने आया जब कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय को शिकायत सौंपते हुए परीक्षा रद्द करने तथा मामले की गहन जांच की मांग की.
पेपर लीक होने का यह ताजा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विपक्ष के तीखे दबाव का सामना कर रही है और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर युवाओं के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का भी सामना कर रही है. पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा देना पड़ा था.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा, ‘भाजपा के शासन में यह एक और पेपर लीक है. अगर एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुआ था, तो यह केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं है, बल्कि हजारों मेहनती छात्रों के साथ सीधा अन्याय है.’
