Categories

April 28, 2026

गुजरात निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा, अब तक 2531 सीटों पर दर्ज की जीत…

Spread the love

प्रारंभिक रुझानों में भाजपा ने क्षेत्रवार भी बढ़त बनाए रखी है। पार्टी ने तालुका पंचायत में 1,165 सीटें, जिला पंचायत में 251, नगरपालिकाओं में 825 और नगर निगमों में 290 सीटें जीतकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे स्थिति मजबूत की है। वहीं कांग्रेस, जो मुख्य विपक्षी दल है, ने तालुका पंचायत में 235 सीटें, जिला पंचायत में 23, नगरपालिकाओं में 118 और नगर निगमों में 8 सीटें हासिल की हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्यभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू की गई।

निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा
अहमदाबाद नगर निगम की कुल 192 सीटों के नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने 54 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस 11 सीटों पर आगे चल रही है। उधर, मेहसाणा नगर निगम में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां की 52 सीटों में से 20 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। वार्ड नंबर 1, 6, 7, 10 और 11 में भाजपा उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है।

आदलाज, कलोल, मानसा और गांधीनगर क्षेत्रों में अधिकांश सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की। कलोल में घोषित 12 सीटों में से 8 पर भाजपा ने कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 4 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों से पूरे क्षेत्र में भाजपा की मजबूत स्थिति साफ नजर आती है।

इन चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से भी भाजपा सबसे आगे रही। पार्टी के चुनाव चिन्ह पर कुल 9,237 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस ने 8,443 प्रत्याशी उतारे, जबकि आम आदमी पार्टी के सिंबल पर 5,261 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न कराई जाएगी। अहमदाबाद में एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज और गुजरात कॉलेज जैसे केंद्रों पर मतगणना होगी। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।

9,000 से ज्यादा सीटों पर फैसला
इस चुनाव में कुल 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। यानी राज्य में 9,000 से अधिक सीटों का भविष्य इस मतगणना से तय होगा। 26 अप्रैल में हुए मतदान के बाद यह राज्य के सबसे बड़े जमीनी स्तर के चुनावी मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस चुनाव में 32,748 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 26,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में बने रहे। कई सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

मतदान प्रतिशत में अंतर
विभिन्न क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला-

  • नगर निगमों में: 49.02%
  • नगरपालिकाओं में: 59.50%
  • जिला पंचायतों में: 61.69%
  • तालुका पंचायतों में: 62.38%

ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया।

प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला
इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ निर्दलीय और छोटी पार्टियों ने भी हिस्सा लिया। वोटिंग हजारों मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए कराई गई थी।

प्रत्याशियों ने जताया जीत का भरोसा
महानगरपालिका सूरत से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी पायल सकारिया ने कहा कि 2021 में जनता ने हमें विपक्ष की भूमिका सौंपी थी। लगातार पांच साल जनता का समर्थन मिलता रहा। इस चुनाव में जनता से सपोर्ट मिला, उससे यही कहा जा सकता है कि लोग परिवर्तन के लिए तैयार थे। जनता ने परिवर्तन के लिए वोट किया है।

महानगरपालिका सूरत से भाजपा उम्मीदवार दीनानाथ महाजन ने कहा कि वार्ड नंबर 23 की जनता ने आशीर्वाद दिया है। बीते 30 साल से भाजपा विकास कर रही है। विकास के मुद्दे पर ही जनता हमें वोट देती है। उन्होंने कहा कि सूरत महानगरपालिका की 120 सीटों में सारी सीट भाजपा जीतने वाली है। महानगरपालिका सूरत से कांग्रेस प्रत्याशी अमित धानाणी ने कहा ‘मैं मेयर के खिलाफ चुनाव लड़ रहा हूं। बीते पांच साल में भाजपा ने जो भ्रष्टाचार किया है, उससे जनता ने कांग्रेस को जिताने का मन बनाया है।’

गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की शुरुआती मतगणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर मजबूत बढ़त बना ली है। चुनाव अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार सुबह शुरू हुई गिनती के प्रारंभिक दौर में पार्टी ने अब तक 9,200 से अधिक सीटों में से 2,531 सीटों पर जीत दर्ज की है।

कांग्रेस ने 385 सीटों पर कब्जा किया
राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस ने अब तक 385 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि निर्दलीय और अन्य दलों जिनमें आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन शामिल हैं ने 169 सीटों पर कब्जा किया है।

प्रारंभिक रुझानों में भाजपा ने क्षेत्रवार भी बढ़त बनाए रखी है। पार्टी ने तालुका पंचायत में 1,165 सीटें, जिला पंचायत में 251, नगरपालिकाओं में 825 और नगर निगमों में 290 सीटें जीतकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे स्थिति मजबूत की है। वहीं कांग्रेस, जो मुख्य विपक्षी दल है, ने तालुका पंचायत में 235 सीटें, जिला पंचायत में 23, नगरपालिकाओं में 118 और नगर निगमों में 8 सीटें हासिल की हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्यभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू की गई।

निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा
अहमदाबाद नगर निगम की कुल 192 सीटों के नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने 54 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस 11 सीटों पर आगे चल रही है। उधर, मेहसाणा नगर निगम में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां की 52 सीटों में से 20 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। वार्ड नंबर 1, 6, 7, 10 और 11 में भाजपा उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है।

आदलाज, कलोल, मानसा और गांधीनगर क्षेत्रों में अधिकांश सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की। कलोल में घोषित 12 सीटों में से 8 पर भाजपा ने कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 4 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों से पूरे क्षेत्र में भाजपा की मजबूत स्थिति साफ नजर आती है।

इन चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से भी भाजपा सबसे आगे रही। पार्टी के चुनाव चिन्ह पर कुल 9,237 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस ने 8,443 प्रत्याशी उतारे, जबकि आम आदमी पार्टी के सिंबल पर 5,261 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न कराई जाएगी। अहमदाबाद में एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज और गुजरात कॉलेज जैसे केंद्रों पर मतगणना होगी। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।

9,000 से ज्यादा सीटों पर फैसला
इस चुनाव में कुल 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। यानी राज्य में 9,000 से अधिक सीटों का भविष्य इस मतगणना से तय होगा। 26 अप्रैल में हुए मतदान के बाद यह राज्य के सबसे बड़े जमीनी स्तर के चुनावी मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस चुनाव में 32,748 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 26,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में बने रहे। कई सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

मतदान प्रतिशत में अंतर
विभिन्न क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला-

  • नगर निगमों में: 49.02%
  • नगरपालिकाओं में: 59.50%
  • जिला पंचायतों में: 61.69%
  • तालुका पंचायतों में: 62.38%

ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया।

प्रमुख पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला
इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ निर्दलीय और छोटी पार्टियों ने भी हिस्सा लिया। वोटिंग हजारों मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए कराई गई थी।

प्रत्याशियों ने जताया जीत का भरोसा
महानगरपालिका सूरत से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी पायल सकारिया ने कहा कि 2021 में जनता ने हमें विपक्ष की भूमिका सौंपी थी। लगातार पांच साल जनता का समर्थन मिलता रहा। इस चुनाव में जनता से सपोर्ट मिला, उससे यही कहा जा सकता है कि लोग परिवर्तन के लिए तैयार थे। जनता ने परिवर्तन के लिए वोट किया है।

महानगरपालिका सूरत से भाजपा उम्मीदवार दीनानाथ महाजन ने कहा कि वार्ड नंबर 23 की जनता ने आशीर्वाद दिया है। बीते 30 साल से भाजपा विकास कर रही है। विकास के मुद्दे पर ही जनता हमें वोट देती है। उन्होंने कहा कि सूरत महानगरपालिका की 120 सीटों में सारी सीट भाजपा जीतने वाली है। महानगरपालिका सूरत से कांग्रेस प्रत्याशी अमित धानाणी ने कहा ‘मैं मेयर के खिलाफ चुनाव लड़ रहा हूं। बीते पांच साल में भाजपा ने जो भ्रष्टाचार किया है, उससे जनता ने कांग्रेस को जिताने का मन बनाया है।’

Copyright © All rights reserved. | Developed by WES. | Privacy Policy

Latest News

हजारों करोड़ की सौगात देने से पहले युवाओं के बीच प्रधानमंत्री, गंगटोक में खेले फुटबॉल…

 बंगाल में बोले पीएम मोदी- चार मई के बाद बनेगी भाजपा सरकार, अब शपथ ग्रहण में आऊंगा…

छत्तीसगढ़: शादी से 12 दिन पहले दुष्कर्म के आरोप में कांग्रेस नेता गिरफ्तार; प्रेमिका ने लगाया 10 साल तक शोषण का आरोप…

ईडी के पंजाब में 11 जगहों पर छापे, पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ मामले में कार्रवाई…