सरकार पर निर्भरता कम करने के लिए जूट क्षेत्र का आधुनिकीकरण, विविधता जरूरी: केंद्रीय मंत्री – to reduce dependence on the government, modernization of the jute sector, diversification is necessary. union minister

जरदोश ने यहां उद्योग मंडल ‘भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जूट उद्योग के लिए बहुत कुछ किया जाना है। यहां मूल्यवर्धन का काम नगण्य है और यह क्षेत्र सरकारी खरीद पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र को सरकारी समर्थन के बिना टिकाऊ बनाने के लिए इस क्षेत्र का आधुनिकीकरण करने और इसके लिए उत्पादों का विविधीकरण करना जरूरी है।’’
करीब 10,000 करोड़ रुपये के आकार वाले इस क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा खाद्यान्न और अन्य जरूरी चीजों के भंडारण के लिए सरकार द्वारा खरीदे गए जूट बैग पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र में लगभग 2.5 लाख लोग कार्यरत हैं और लगभग 30 लाख जूट उत्पादक भी आजीविका के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।
जरदोश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जूट और हस्तशिल्प उद्योगों को राज्य सरकार के समर्थन की जरूरत होती है। उन्होंने रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए असम सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों का उदाहरण भी दिया।
रेल मंत्रालय में भी राज्य मंत्री का दायित्व संभालने वालीं जरदोश ने पश्चिम बंगाल में रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए जमीन की उपलब्धता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेलवे ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ नीति के तहत लघु बिक्री केंद्र खोलकर हथकरघा क्षेत्र को समर्थन दे रहा है।
पूर्वी रेलवे के अपर महाप्रबंधक जयदीप गुप्ता ने कहा कि इस जोन के तहत 57 स्टेशनों की पहचान की गई है और यह योजना पिछले तीन महीनों से चालू है।
