‘कलेजा फट पड़ा…’ मधेपुरा के 3 थानाध्यक्षों की मौत से सहमे SP-DSP, रात 11 बजे हुई थी आखिरी बात…

मधेपुरा पुलिस के तीन जांबाज अधिकारियों की मौत की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में कोहराम मच गया। गुरुवार की रात करीब 12.30 बजे एसपी संदीप सिंह, एएसपी प्रवेंद्र भारती, उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार, मधेपुरा थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार समेत जिले के सभी वरीय पदाधिकारी भागे-भागे बेगूसराय पहुंचे।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित भीषण हादसे में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवाना थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौत ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। हादसे में निजी वाहन चालक ज्योतिष कुमार की भी मौत हो गई।
इलाज के दौरान साजन पासवान की मौत
एसपी संदीप सिंह समेत सभी अधिकारी सबसे पहले साहेबपुरकमाल पीएचसी पहुंचे जहां अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार और चालक ज्योतिष कुमार का शव रखा हुआ था। रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान का अस्पताल में उपचार चल रहा था लेकिन कुछ देर बाद उनकी भी मौत हो गई।
बेगूसराय में पोस्टमार्टम बाद तीनों जांबाज अधिकारियों का शव लेकर लौट रहे एसपी संदीप सिंह ने कहा कि यह असहनीय पीड़ा है। इसको दर्द को बयां नहीं कर पाऊंगा। हमने तीन जांबाज अधिकारियों को खो दिया है।
रात 11 बजे उदाकिुशनगंज थानध्यक्ष से नीरज कुमार की हुई थी बात
उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार बताते हैं कि रात 11 बजे बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार से उनकी बात हुई थी। वे लोग उस वक्त बेगूसराय में थे। इसके बाद ठीक 12.30 बजे दुर्घटना की खबर मिली। इसके बाद वे लोग भागे-भागे साहेबपुरकमाल पहुंचे तो पीएचसी में शव देख कलेजा फट पड़ा।
एक सप्ताह पहले बने थे थानाध्यक्ष
नीरज कुमार उनके साथ एक साल तक उदाकिशुनगंज थाना में पदस्थापित रहे। महज एक सप्ताह पूर्व वे बेलारी थानाध्यक्ष बनाए गए थे। छोटे भाई की तरह हमेशा रहे। हर सुख दुख की बात उनसे साझा किया करते थे।
वहीं मधेपुरा सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार बताते हैं कि जिनको जैसे ही जानकारी मिली वैसे ही बेगूसराय निकल पड़े। रात करीब 12.40 बजे फोन पर दुर्घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को फोन मिलाया। वरीय पदाधिकारी बेगूसराय रवाना हो चुके थे। वे भी तत्काल बेगूसराय निकल पड़े।
