पेपर लीक के सभी मामलों की अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, जंतर-मंतर पर झड़प के बाद सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद…

नीट (NEET) परीक्षा के पर्चे लीक होने की घटना के बाद से देशभर में जारी छात्र आंदोलन और आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने युवाओं के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं का सुनहरा भविष्य और उनके हितों की सुरक्षा वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पीएम मोदी ने ‘X’ पर क्या लिखा?
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने लिखा, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स बनाई जाएंगी। इस दिशा में संबंधित मंत्रालयों और विभागों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”
उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों में यह एक बेहद निर्णायक मोड़ साबित होगा। युवाओं के करियर और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी आपराधिक तत्व को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट से क्या बदलेगा?
यसरकार के इस फैसले के बाद अब राज्यों और केंद्र स्तर पर विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना की जाएगी। इससे पेपर लीक से जुड़े मुकदमों की सुनवाई सालों-साल लटकने के बजाय तय समय-सीमा के भीतर पूरी हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से परीक्षा प्रणाली में धांधली करने वाले गिरोहों में कानून का खौफ भी पैदा होगा।
गुरुवार को भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन का व्यापक असर आम जनजीवन और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने लगातार दूसरे दिन, यानी गुरुवार को भी दिल्ली मेट्रो के 16 प्रमुख स्टेशनों को यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के बाद DMRC ने स्पष्ट किया कि सुबह 07:30 बजे से राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और मंडी हाउस जैसे अति-व्यस्त स्टेशनों पर अगले आदेश तक प्रवेश और निकास पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
