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BCCI चाहती थी कि 100वां टेस्ट खेल सम्मान के साथ बेंगलुरू में टेस्ट कप्तानी छोड़े विराट कोहली, पर विराट ने नहीं मानी बात

नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम की लंबे समय तक तीनों फार्मेट में कप्तानी करने वाले विराट कोहली अब एक खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा होंगे। टी20 के बाद उन्होंने अब टेस्ट टीम की कप्तानी से भी इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआइ की तरफ से उनको अपने करियर के 100वें टेस्ट को कप्तान के तौर पर खेलने के बाद पद को छोड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। वह चाहते तो आइपीएल फ्रेंचाइजी के होमग्राउंड बेंगलोर में आखिरी बार कप्तान के तौर पर उतर सकते थे। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली गई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले के खत्म होने के एक दिन बाद विराट ने इस फार्मेट की कप्तानी को छोड़ने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर एक नोट जारी करते हुए उन्होंने अपने 7 साल के टेस्ट कप्तानी का अंत करने की जानकारी दी है। उस दौरान उन्होंने बीसीसीआइ और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को धन्यवाद कहा।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को जब कोहली ने बीसीसीआइ को इस बात की जानकारी दी कि वह टेस्ट की कप्तानी से इस्तीफा दे रहे हैं तो उनको बोर्ड की तरफ से खास प्रस्ताव दिया गया था। उनको अपने घर पर श्रीलंका के खिलाफ बेंगलुरू टेस्ट मैच बतौर कप्तान खेलने के बाद विदाई मैच खेलने की बात कही गई थी। कोहली इस बारे में कहना था, "एक मैच के कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है, मैं ऐसा नहीं हूं।" गौरतलब है विराट इस वक्त 99 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। बोर्ड चाहता था कि वह अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने के बाद कप्तानी छोड़ें। किसी भी खिलाड़ी के करियर का 100वां टेस्ट महत्वपूर्ण होता है क्योंकि हर किसी को इस मुकाम तक पहुंचने का मौका नहीं मिलता। कोहली ने सबके साथ कप्तानी छोड़ने का फैसला साझा करने से पहले टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और ड्रेसिंग रूम में बाकी साथियों से बात की थी।

 

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