Categories

April 15, 2026

भांग को कोरोना वैक्सीन बनाने में किया जा सकता है इस्तेमाल

Spread the love

भांग का नाम सुनते ही आपके दिमाग में भले ही नशे में झूमते लोगों की छवि बनने लगती है, लेकिन जंगल में जमकर मिलने वाला यह पौधा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में रामबाण साबित हो सकता है। कोरोना संक्रमण के खिलाफ भांग के पौधे के कारगर साबित होने का दावा जर्नल आॅफ नेचुरल प्रोडक्ट्स में प्रकाशित एक नई रिसर्च में किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कैनाबिस सैटिवा नामक भांग के पौधे में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं, जिनकी मदद से वायरस को शरीर में घुसने से रोका जा सकता है। इससे पहले लेथब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी इस विषय पर शोध किया था।

क्या कहती है रिसर्च?
भांग और कोरोना वायरस का कनेक्शन समझने के लिए अमेरिका के ओरेगन स्टेट के ग्लोबल हेम्प इनोवेशन सेंटर, कॉलेज आॅफ फॉमेर्सी और लिनुस पॉलिंग इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने साथ मिलकर रिसर्च पर काम किया है।

रिसर्च में भांग के पौधे में पाए जाने वाले दो कंपाउंड कैनाबीगेरोलिक एसिड (CBGA) और कैनाबीडियोलिक एसिड (CBGA) को स्टडी किया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि ये कंपाउंड कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के स्पाइक प्रोटीन से जुड़ने में सक्षम हैं। यहां ध्यान रखने वाली बात ये है कि वायरस का यही स्पाइक प्रोटीन इंसानों के शरीर में घुसकर उनके सेल्स (कोशिकाओं) को खराब करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यदि हम पहले ही इस स्पाइक प्रोटीन को भांग में मिलने वाले कंपाउंड से जोड़ देते हैं, तो ये हमारे शरीर में संक्रमण पैदा ही नहीं कर पाएगा।

भांग के कंपाउंड से दिमाग पर नहीं होता कोई असर
वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस से लड़ने में भांग के जो कंपाउंड कारगर हैं, वे साइकोएक्टिव नहीं हैं। सरल भाषा में कहें तो इनके सेवन से हमारा दिमाग नशे का शिकार होकर कंट्रोल नहीं खोता। रिसर्च में ये भी पता चला है कि भांग के ये कंपाउंड ब्रिटेन में मिले कोरोना के अल्फा वैरिएंट और दक्षिण अफ्रीका में मिले बीटा वैरिएंट के खिलाफ भी समान रूप से असरदार हैं।

भांग में मौजूद एसिड्स हमारे शरीर को अच्छी सुरक्षा देते हैं। इसलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना वायरस को टारगेट करने के लिए भविष्य में इनका प्रयोग वैक्सीन बनाने और एंटीबॉडी विकसित करने में हो सकता है। इसके अलावा, भांग के इन कंपाउंड को ओरली (मुंह के जरिए) भी लिया जा सकता है। हालांकि इसके इस्तेमाल की अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल भांग के पौधे में मिलने वाले कंपाउंड फाइबर और पशु भोजन का सोर्स हैं। इन्हें आमतौर पर सौंदर्य प्रसाधन, बॉडी लोशन और डाइट्री सप्लीमेंट बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Developed by WES. | Privacy Policy

Latest News

दसवीं व बारहवीं बोर्ड का परिणाम जारी, प्रतिभा और खुशी राय बनीं स्टेट टॉपर…

बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय-बिजेंद्र ने भी ली शपथ…

सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव; गाड़ियों में लगाई आग…

बंगाल में पीएम ने दी छह गारंटी; ‘सबका साथ, सबका विकास और लुटेरों का हिसाब’ होगा BJP का नया नारा…